#Muawiya_Zafar_Gazali_Mustafai
यातिमों मिस्कीनों और गुरबा की गिज़ा
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لسلام علیکم ورحمتہ اللہ وبرکاتہ.....
بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ!!
*اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰهﷺ*🌹🌹
लेखक व तालिबे दुआए शहादत:~फ़कीर मुआविया ज़फ़र ग़ज़ाली मुस्ताफाई रज़ा क़ादरी अमरोहीवी {07417474441}
यातिमों मिस्कीनों और गुरबा की गिज़ा
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- वो गीज़ा जिस पर यातिमों मिस्कीनों और गुरबा का शरई हक अव्वल हैं मिसाल के तौर पर मौमिन मैय्यत के ईसाआले सावाब के खातिर तीजा और चालीसवा किया जाता हैं इसी तरह की हर वो गीज़ा जिस पर शरई तौर पर यातिमों मिस्कीनों और गुरबा का शरई हक अव्वल हैं शरीयत ए मुस्तफाﷺ ने खुसुसन सादाआत हजरात और हर माल ए निसाब यानी जो शख़्स खुद अपने माल से खाना खाने की बा हैसियत रखता हो उसे ऐसी गीज़ा ना खाने का हुक्म फरमाया हैं और ना इस तरह की गिज़ा को खिलाने के लिए दावत ए आम और ख़ास की इजाज़त फरमाई हत्ता के ऐसे खानो की दावत ना कि जाए और उन्हीं को खिलाया जाए या वहीं खाए जिनका ऐसी गिज़ा पर शरई हक अव्वल हैं यही दीन ए तौहीद हैं।
{हवाला:फतावा फैज़ुर रसूल जिल्द:01 सफाह:459}
{हवाला - फतहुल क़दीर}
{हवाला - फतावा आलमगीरी}
{हवाला - फतावा अल शामी}
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*اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰهﷺ*🌹🌹
लेखक व तालिबे दुआ ए शहादत~•
✒️ *संबंधित आस्ताना ए आलाहज़रत रज़ीअल्लाहु तआला अन्हुमा बरेली शरीफ{पीर ओ मुर्शीद बद्दरूशरिया हुज़ूर अहसन मिया साहब क़िब्ला सज्जादानशीन आस्ताना ए सरकार आलाहजरत रज़ीअल्लाहु तआला अन्हुमा}*– *गुलाम ए अली अबू तुरआब फ़कीर मुआविया ज़फ़र ग़ज़ाली मुस्ताफाई रज़ा क़ादरी अमरोहीवी*{7417474441}
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