#Muawiya_Zafar_Gazali_Mustafai
पैग़ाम-
मेरी लिखी हुई तमाम तहरीरों मजामीन को पड़ने वाले तमाम भाईयो और मेरी माॅ बहनों का मैं दिल से शुक्रगुजार हूं कि आप तमाम की मुहब्बत और हौसला अफजाई की बरकत से आज मुझसे हजारों लोग जुड़ पाए हैं अलहम्दुलिल्लाह मैं इंशाअल्लाह आगे भी दीन ए तौहीद के ईल्म को आम करने की तालीम की इस तहरीरी मज़ामीन तहरीक को कायम और इसकी खिदमत करता रहूंगा इंशाअल्लाह आपसे भी दरखास्त हैं कि आप भी अपने अंदर पड़ने का शौक पैदा करें और दूसरे भाईयो और बहनों को भी हमसे जोड़े क्यूंकि जो कौम पड़ती नहीं हैं वो कौम दलाली के ऐब में मुब्तिला रहती हैं अल्लाह रब्बुलइज्ज़त कहने सुनने से ज़्यादा मुझे और आपको अमल ए अज़ीम की तौफीके रफीक अता फरमाए ईलाही आमीन।
दीन ए तौहीद का खादिम-
@फ़कीर मुआविया ज़फ़र ग़ज़ाली मुस्ताफाई "रजवी नूरी क़ादरी अमरौहीवी" {-7417474441 अमरोहा शहर कोतवाली}
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