#Muawiya_Zafar_Gazali_Mustafai

بِسْــــــــــــــــــــــــــــــــــــــــــــــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ
 اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَاللّٰهﷺ
: मखदूम-ए-अशरफ़ रूहानी-जिस्मानी शिफ़ाखाना :

*>* कई अर्से/वक्त से रूहानी-जिस्मानी तौर बिल जुम्ला जिन्नात आसैब सहर/जादू सिफली नज़रे बद्द वगैरा-वगैरा से परेशान हाल हज़रात का कुरआन-ए-हकीम और आहादीस-ए-मुबारका की अज़ीम और हक़ रौशनी में मुफीद और अक़्ल को हैरान कर देने वाला हज़रते मशाइख-ए-इकराम अलैहिर्रहमा की निस्बत‌ और फ़ैज़‌ से करामाती इलाज मुकम्मल ख़ास वक्तों पर फि-सबिलिल्लाह किया जाता है और तमाम नूरानी जलाली जमाली अमालियात वज़ाइफ़ात तसबिहात की ख़ास/आम इजाज़त ख़ास इजाज़त नामे के साथ अता की जाती है॥

ख़ास बात: राब्ता करने के लिए वक्त दौहपहर 12:00 से रात 10:00 तक ही तयशुदा है लिहाज़ा इन्ही वक्तों पर राब्ता करें॥
अदब के दायरे में इस नंबर पर राब्ता करें
: फ़कीर-ए-क़ादरी मुआवीया ज़फ़र ग़ज़ाली मुस्ताफ़ाई अमरोहिवी [7417474441]

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